ARTICLE AD BOX
चितौड़गढ़। राजस्थान दिवस के अवसर पर पारंपरिक परम्पराओं और राजस्थानी भाषा की मिठास के साथ सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
अपने संदेश की शुरुआत उन्होंने राजस्थानी भावभूमि से जुड़े शब्दों“म्हारो राजस्थान, रेत में भी हिम्मत के फूल खिलावै…” से करते हुए प्रदेश की वीरता, मेहनत और जुझारूपन को नमन किया।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि राजस्थान की यह धरती सदियों से कठोर प्राकृतिक परिस्थितियों—तपती धूप, उड़ती रेत और कम वर्षा का सामना करती आई है, लेकिन यहाँ के लोगों ने हर चुनौती को अवसर में बदलकर एक नई पहचान बनाई है। यह भूमि न केवल संघर्ष की प्रतीक है, बल्कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रगति की प्रेरणा भी देती है।
अग्रवाल ने प्रदेश की अपार प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान जिंक, चाँदी, तांबा, पोटाश, फॉस्फेट, तेल और गैस जैसे संसाधनों से समृद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय है कि विकास की सोच को नई दिशा देते हुए “धरती के ऊपर के साथ-साथ धरती के नीचे” मौजूद संसाधनों का भी बेहतर उपयोग किया जाए।
पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान की वैश्विक पहचान को रेखांकित करते हुए उन्होंने जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर को विश्व के प्रमुख ट्रैवल और वेडिंग डेस्टिनेशन बताया। साथ ही दाल-बाटी-चूरमा, बांधनी, ब्लॉक प्रिंट, हस्तशिल्प, मार्बल और टेक्सटाइल जैसे उत्पादों के माध्यम से राजस्थान के सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान को भी सराहा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में राजस्थान एक मजबूत आर्थिक हब बनकर उभर सकता है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अंत में उन्होंने कहा कि वेदांता समूह प्रदेश के विकास के इस सफर में राजस्थानवासियों, युवाओं और सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।







English (US) ·